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लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार हर वर्ग के युवाओं को लगातार सौगात दे रही है.

 लखनऊ। प्रदेश की योगी सरकार हर वर्ग के युवाओं को लगातार सौगात दे रही है.


अब योगी सरकार राज्य के बिजली उपभोक्ताओं को कमाई का मौका दे रही है. दरअसल, योगी सरकार अब लोगों को अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल से कमाई का मौका दे रही है.इसके लिए उपभोक्ता पॉवर एक्सचेंज ऐप पर बिजली की दरें भी अपनी शर्तों पर तय कर सकते हैं. इसके साथ ही बिजली बेच सकते हैं. जिसे पीयर टू पीयर ट्रेडिंग कहा जाता है. चलिए जानते हैं ये कैसे काम करता है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) UPERC की ने ये नई पहल शुरू की है. जिसके तहत वर्तमान में सोलर रूफ टॉप से पैदा होने वाली बिजली को उपभोक्ता के घर पर खपत के अलावा पॉवर ग्रिड को भेज दिया जाता है. इस योजना के तहत पॉवर ग्रिड सिर्फ 2 से 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीदता है.

ऐसे बेचें 4-6 रुपये की दर से बिजली

इस योनजा के तहत ऐसे उपभोक्ता जिन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं, वह नई तकनीक के माध्यम से पीयर टू पीयर एनर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर रजिस्टर करके अपने सोलर पैनल से पैदा हुई बिजली को 4 से 6 रुपये या उससे ज्यादा दाम पर भी बेच सकते हैं.

कैसे कर सकेंगे ज्यादा कमाई

पॉवर एक्सचेंज के जनरल मैनेजर अंकित के मुताबिक, अगर आपके घर पर सोलर पैनल लगा है आपने अतिरिक्त बिजली बनाई है तो आप उसे आपने ग्रिड को दे दी. ग्रिड आपको 2 से 3 रुपए प्रति यूनिट की दर से भुगतान करता है. जबकि पॉवर एक्सचेंज ऐप पर न्यूनतम 4 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेच सकेंगे. ये बिजली किसी की दुकान है, कॉमर्शियल प्लेस है, कंपनी या छोटा उद्योग के लिए बेची जा सकेगी. जो डिस्कॉम से 12 रुपए प्रति यूनिट बिजली खरीदते हैं.

उन्होंने कहा कि अब हमारे ऐप पर बिजली बनाने यानी सोलर पैनल लगाने वाले उपभोक्ता कमर्शियल बिजली खरीदने वाले दोनों होंगे. सोलर पैनल वाले ऐप पर कहेंगे कि हम 6 रुपये प्रति यूनिट बिजली बेच रहे हैं, तो कमर्शियल वाले को भी फायदा होगा वह 12 की जगह 6 रुपए में ही आपकी बिजली खरीद लेंगे.

जानें कैसे काम करता है ये सिस्टम

पॉवर एक्सचेंज के जनरल मैनेजर अंकित ने बताया कि किसी उपभोक्ता ने बिजली बनाई, तो उसको इसके बारे में डिस्कॉम को जानकारी देनी होगी कि मैं अपनी बिजली पॉवर एक्सचेंज को बेचना चाहता हूं. ये वैसे ही काम करता है जै शेयर बाजार में स्टॉक बेचे जाते हैं. उसी प्रकार से उपभोक्ता पॉवर एक्सचेंज को सूचित करेंगे कि मेरे पास 10 यूनिट एक्स्ट्रा बिजली है मैं इसे इस रेट पर बेचना चाहता हूं.

यानी अगर ऐप पर आप 6 रुपये प्रति यूनिट की दर से अपनी बिजली बेचना चाहते हैं, तो उसकी जानकारी आपको देनी होगी. जैसे वर्तमान में ग्रिड पर अधिकतम आपकी बिजली 3 रुपए प्रति यूनिट बिकती है, जबकि इस ऐप पर न्यूनतम बिजली की दर 4 रुपये प्रति यूनिट है. ऐसे में जो बड़े उद्योग बिजली खरीदते हैं, उन्हें 12 रुपए प्रति यूनिट न्यूनतम दर के हिसाब से बिजली मिलती है.

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ऐसे में उन्हें लगेगा कि अगर 6 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली पॉवर एक्सचेंज पर मिल रही है ऐसे में वे सोलर पैनल से आधी कीमत पर बिजली खरीद लेंगे. ऐसे में कमर्शियल बिजली खरीदने वाले उपभोक्ता को 6 रुपये का फायदा होगा. जबकि सोलर पैनल से बिजली बनाने वालों की बिजली 3 रुपये की जगह 6 रुपये में बिक जाएगी. जिससे दोनों को फायदा होगा.साभार

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