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दिल्ली हादसे से सहमी यूपी सरकार: सीएम योगी का बड़ा फरमान, सभी ऊंची इमारतों और होटलों का होगा स्पेशल सेफ्टी इंस्पेक्शन

 लखनऊ / नई दिल्ली। दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर के एक रेस्टोरेंट में हुए भीषण अग्निकांड ने देश की राजधानी के साथ-साथ पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश को भी हिलाकर रख दिया है। दिल्ली की इस खौफनाक घटना से सबक लेते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की जनता की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए राज्य के सभी संस्थानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और ऊंची इमारतों के लिए आपातकालीन अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के इस कड़े फरमान के बाद पूरे सूबे के प्रशासनिक अमले और अग्निशमन विभाग में हड़कंप मच गया है। सूचना के मुताबिक, दिल्ली हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने साफ कहा कि नियमों की अनदेखी करके मासूम लोगों की जान को खतरे में डालने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती। सीएम योगी ने सूबे के सभी विकास प्राधिकरणों (Development Authorities),

पुलिस विभाग, लोक निर्माण विभाग (PWD), और अग्निशमन (Fire) विभाग सहित कई अन्य संबद्ध विभागों के आला अधिकारियों को तत्काल मैदान में उतरने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने आदेश जारी किया है कि प्रदेश के सभी जिलों में स्थित बहुमंजिला इमारतों (High-Rise Buildings), सरकारी व निजी कार्यालयों, होटलों, रेस्टोरेंट्स, अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों और सभी बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों (Commercial Complexes) का गहन और विशेष निरीक्षण (Special Safety Inspection) किया जाए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि यह निरीक्षण केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होना चाहिए, बल्कि जमीनी स्तर पर जाकर हर एक बिंदु की सघन जांच की जाए। शासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, इस स्पेशल इंस्पेक्शन अभियान के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं की जांच की जाएगी। क्या इमारतों के पास अग्निशमन विभाग का वैध अनापत्ति प्रमाण पत्र (Fire NOC) है?, क्या आपातकालीन निकास (Emergency Exit) के रास्ते खुले हैं या

उन पर अवैध कब्जा या सामान भरा हुआ है?, क्या भवनों में लगे फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर सिस्टम और पानी के टैंक चालू हालत में हैं? अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जहां भी कमियां पाई जाएं, उन संस्थानों को तत्काल नोटिस जारी किया जाए। यदि कोई संस्थान या होटल मालिक तय समय सीमा के भीतर सुरक्षा मानकों को दुरुस्त नहीं करता है, तो उसके खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मुकदमा दर्ज कर संस्थान को सील करने की कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सख्त तेवरों से यह भी साफ कर दिया है कि अगर भविष्य में यूपी के किसी भी इलाके में ऐसी कोई लापरवाही या शॉर्ट सर्किट से बड़ा हादसा होता है, तो न केवल बिल्डिंग मालिक, बल्कि उस क्षेत्र के संबंधित विकास प्राधिकरण के इंजीनियर और फायर ऑफिसर की जवाबदेही भी तय की जाएगी। भ्रष्टाचार के बल पर अवैध रूप से चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सीएम के इस आदेश के बाद लखनऊ, नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा और वाराणसी जैसे बड़े महानगरों में आज से ही विशेष चेकिंग टीमों का गठन कर छापेमारी की तैयारी शुरू कर दी गई है।



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